* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।
मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें।
गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की दस महाविद्याओं (काली, तारा, बगलामुखी, त्रिपुरसुंदरी, छिन्नमस्ता, भुवनेश्वरी, धूमावती, मातंगी, कमला और भैरवी) की साधना की जाती है। ये महाविद्याएं साधक को विशेष आध्यात्मिक शक्तियां और सिद्धियां प्रदान करती हैं।
गुप्त नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
हर दिन अलग-अलग देवी का आह्वान और मंत्र जाप करें।
बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:।
गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें।
Gupt Navratri is especially essential for those who are deeply linked to the sector of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the best time to attain success in Distinctive sadhana and also to obtain get more info blessings from your Guru.
* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।
गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा
* जीवनसाथी या किसी खास मित्र से संबंधों में आ रहे तनाव को दूर करती हैं।
मां दुर्गा की प्रतिमा को लाल रंग के वस्त्र में सजाएं।
If the worship technique of Gupt Navratri is done with complete devotion, restraint, and secrecy, then it may possibly not simply go ahead and take seeker to spiritual heights. But it surely also can deliver Vijayshri by liberating him from many challenges of lifestyle. If you would like know more about the Gupt Navratri puja vidhi, then talk with astrologers.
गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।
छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।